मलाला – एक प्रेरणादायक कहानी

नमस्कार

मैं राजेश तिवारी आप सभी का ज्ञान सागर में स्वागत करता हूं

मैं ज्ञान सागर में ज्ञान से जुड़ी कुछ अनोखी तथा कुछ अद्भुत चीजें बताऊंगा

जैसे-: 

  • तकनीकी तथा आध्यात्मिक चीजो के बारे में बात करुंगा
  •  बड़े महान व्यक्तियों के बायोग्राफी के बारे में भी बात करूंगा
  •  कॉमर्स साइंस एंड फिजिक्स के कुछ बेसिक फंडे भी आपको बताने की कोशिश करूंगा

यह मेरा पहला ब्लॉग है अगर इसमें कोई भी गलती हो जाए तो कृपया कमेंट बॉक्स में आकर मुझे मेरी गलती बताने की कृपा करें

इसी के साथ ही मैं अपना पहला ब्लॉक लिख रहा हूं आशा करता हूं आपको पसंद आएगा

मेरा पहला ब्लॉक मलाला की बायोग्राफी के ऊपर है उसके सक्सेस स्टोरी के ऊपर है

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http://www.gyansager.com/2017/09/Biography-of-MadameCuire.html

मलाला – एक प्रेरणादायक कहानी



मलाला यूसुफजई एक ऐसा नाम जिसने पाकिस्तान के अंदर आतंकवादियों से लड़ते हुए पाकिस्तान का नाम रोशन किया यह उस लड़की की कहानी है जिसने मात्र 11 वर्ष की उम्र में आतंकवादियों से लोहा लेकर पाकिस्तान सरकार का नाम रोशन किया है
पाकिस्तान को आतंकवादी अड्डे के नाम से जाना जाता था वही उस मलाला ने पाकिस्तान की एक अलग ही भूमिका दुनिया के सामने जाहिर की मलाला सामान्य बच्चों जैसी ही एक 11 वर्ष की बच्ची कहानी है
मलाला का जन्म 12 जुलाई 1997 को विगोर नामक शहर में हुआ था इसका पूरा नाम मलाला यूसुफजई है जिस उम्र में बच्चे खेलकूद तथा पढ़ाई और मनोरंजन में अपना ध्यान अग्रसर करते हैं उस उम्र में मलाला नामक लड़की ने दुनिया की सबसे बड़ी आतंकवादी संगठन से लोहा लेकर पूरी दुनिया में अपना नाम स्थापित किया है दुनिया की सबसे कम उम्र की लड़की महज 17 वर्ष की लड़की जिसे ग्लोबल पीस प्राइज से सम्मानित किया गया और आज का पाकिस्तान की सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में पाकिस्तान में कार्य कर रही है उसके साहस को हमें सम्मान किया जाना चाहिए
मार्च 2009 से मई 2009 तक पाकिस्तान के विगोरा शहर में तालिबानियों द्वारा पूर्णरुप से कब्जा कर लिया गया था संघर्ष के दौरान मलाला नामक 11 वर्ष की लड़की ने डायरी लिखना शुरु किया, तालिबानियों द्वारा किए गए कुकृत्य का वर्णन किया अपने मन के दुखों को डायरी में लिखा, विगोरा शहर में हो रहे तालिबानियों के हिंसा का पूरी तरह वर्णन किया

मलाला यूसुफजई ने अपने काम के माध्यम से पूरे विश्व में पाकिस्तान का नाम रोशन किया है पाकिस्तान वह देश जिसे अभी आतंकवाद के रूप से जाना जाता था वही मलाला की आत्मविश्वासी जज़्बे ने पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान का नाम रोशन कर दिया मलाला वही लड़की है जिसने सबसे कम उम्र में ही ग्लोबल पीस प्राइज पाने वाली पहली लड़की है

इसकी कहानी चालू होती है उस दिन से जब रेडियो में तालिबानियों की एक समाचार आ रही थी जिसमें तालिबान संगठन का मुखिया द्वारा लड़कियों के स्कूल जाने पर पाबंदी उठाई गई तथा रेडियो के मा एक कहानी है मलाला यूसुफजई के क्याध्यम से लड़कियों को यह हिदायत दी गई कि कोई भी लड़की स्कूल जा कर पढ़ाई नहीं करेगी. वह रेडियो सुनने वाली मलाला भी एक लड़की थी जिसने उस समाचार को सुना दिन विगोरा या उसके आसपास के क्षेत्र में कार्यक्रम हुआ जिसमें मलाला ने स्टेज पर आकर तालिबानियों को खुली धमकी दे डाली की क्या औकात जो लड़कियों को पढ़ाई करने से रोक सके लड़कियां पढ़ाई करती थी करती है और करती रहेंगी किसी के कहने पर लड़कियां अपनी पढ़ाई बंद नहीं कर देंगे.
सन 2012 का एक दिन जब मलाला अपने स्कूल से घर के लिए आ रही थी तब तालिबानी संगठन का एक व्यक्ति की बस में चढ़ा जिसमें मलाला आ रही थी उस व्यक्ति द्वारा उस तालिबानी द्वारा पूछे गया कौन है मलाला सभी बच्चों ने डर से पीछे हट गए कुछ तालिबानी द्वारा बार बार पूछा गया कौन है मलाला तब उस लड़की ने कहा मैं हूं मलाला तालिबानी द्वारा मलाला के सिर में गोलियों से तीन फायर किए गए जिससे मलाला घायल हो गई
मलाला को पाकिस्तान गवर्नमेंट द्वारा विदेश ले जाया गया जहां उसका इलाज चला और बड़ी कठिन परिश्रम के बाद मलाला को बचाया जा सका. और मलाला पूरी तरह ठीक है और पाकिस्तान में एक समाजसेवी के रूप में उभरी है उसकी यह लड़ाई रुकी नहीं है आज भी वह समाज में लड़कियों के अभिप्रेरण का कार्य कर रही है जिससे औरतों महिलाओं लड़कियों बच्चियों की रक्षा की जा सके वह को आत्मविश्वासी बनाने के लिए मलाला की कहानी सुनाना बहुत ही जरूरी है मलाला की कहानी से यह सीख मिलती है कि किसी के आगे डरने की जरूरत नहीं है जो गलत है कर बोलना चाहिए और जो सही है वह सही है ही. 
मलाला की साहस को सलाम है जिसने यह नहीं देखा कि वह सबसे बड़ा आतंकवादी संगठन था उसने यह देखा कि आतंकवादियों द्वारा हमारे शहर की लड़कियों कहां पढ़ाई रुकवाया जाना गलत था उसने उसके खिलाफ आवाज उठाई जिसे तालिबानियों द्वारा दबाने की भी कोशिश की गई पर वह आवाज तभी नहीं उसने डेट की उन तालिबानियों का सामना किया.
सही कहा गया है कि बुरा काम करने जाओ जाएगा जरूर होगा कोई रोक टोक नहीं होगा
मगर एक अच्छा काम करने जाओ लाखों परेशानियां आ जाएंगी वह काम करने नहीं देगी मगर उन परेशानियों से डरी नहीं उसका डटकर सामना करें सफलता जरुर मिलेगी.
मलाला की यह बात सीखने लायक है कि आदमी के पास कुछ ना हो. पर आत्म विश्वास होना चाहिए आत्मविश्वास के दम पर बड़े से बड़े भ्रम के पहाड़ को चकनाचूर किया जा सकता है


इसलिए आत्मविश्वासी बनी है स्वस्थ रहिए खुद पर भरोसा रखिए अभी के समय में अपने माता-पिता के अलावा और कोई भी व्यक्ति आपके भरोसे पर खड़ा नहीं उतरेगा इसलिए खुद पर भरोसा रखना सीखिए आप खुद पर भरोसा रखेंगे लोग आप पर भरोसा रखेंगे आपको खुद पर भरोसा नहीं होगा लोग आप पर भरोसा नहीं करेंगे

ऐसा बनिए किे लोग आप पर भरोसा करें मेरी अंतिम बात नहीं है आगे भी मैं ऐसे ही पोस्ट डालते रहूंगा क्या अच्छा लगे तो मुझे कमेंट करें शेयर करें.

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