सफलता की पहली और अंतिम सीढ़ी[STAIRS OF SUCCESS]

    सफलता की पहली और अंतिम सीढ़ी


आज का लेख उन लोगों के लिए है जो अपनी लाइफ से बहुत परेशान है किसी वजह से अपने सफलता को जांच तथा परख नहीं पाते हैं! जिनकी लाइफ में अब तक सिर्फ फेलियर ही आए हैं! जो अपने फेलियर से परेशान हैं! तो चालू करते हैं!
फेलियर हर एक व्यक्ति की लाइफ में आते हैं, फेलियर कभी भी आदमी को तोड़ने का काम नहीं करती है, बल्कि उसके अंदर छुपे उसकी आत्मशक्ति को निखारने का काम करती है! जानना जरुरी होता है, हम कहेंगे कि हम हर चीज में फेल होते जा रहे हैं, तथा अब कोई भी चीज मेरे बस की बात नहीं है, तो जाहिर सी बात है ऐसा ही होगा! क्योंकि जब आप ऐसी बात बोलते हैं तो आप पूरी तरह अपनी आत्मशक्ति को खो बैठते हैं! किसी भी काम को करने के लिए आत्मशक्ति तथा आत्माबल का होना अनिवार्य होता है! अपने फेलियर से हारने की वजह है उसका डटकर सामना करना चाहिए, तथा फिर वही फेलियर सफलता के रूप में परिवर्तित हो जाती है! उसके लिए जरूरी है मेहनत लगन और परिश्रम यह तीनों चीज आपके पास हैं ,तो आप जरुर सफल होंगे! तथा यह तीनो काम करने के लिए आपके अंदर उस काम के प्रति या किसी भी काम के प्रति आत्म शक्ति तथा आत्मबल का होना जरुरी होता है!
सक्सेस का एक बहुत ही अच्छा सूत्र आपके सामने-
Failure + Failure = Success
Failure + Success = Success
Success + Success = Success

यहां मैं कुछ ऐसे लोगों की बातें करने जा रहा हूं जो अपनी लाइफ मैं बहुत से फेलियर का सामना किया है, फिर भी उनकी लगन और मेहनत की वजह से तथा आत्मशक्ति और आत्मबल की वजह से वह सफलता के एक नए मुकाम पर पहुंचे हुए हैं उन्होंने कभी अपने फेलियर को फेलियर नहीं समझा, बल्कि वह यह देखते थे कि इस काम में मेरी तरफ से क्या गलती हो गई जिसे मुझे सुधारना है! उस पर वे काम करते थे तथा उनकी विफलता ही उनकी सफलता का राज बन गया!


    अमिताभ बच्चन


    स्टीव जॉब्स


    अल्बर्ट आइंस्टीन


    नवाजुद्दीन सिद्दीकी


    थॉमस एडिसन



जो आज पूरी दुनिया के रिचेस्ट पर्सन में से एक है और आज माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर है उन्होंने बीच में हावर्ड यूनिवर्सिटी छोड़ने के बाद अपना बिजनेस दो पार्टनर के साथ मिलकर प्रारंभ किया जिसका नाम TRAF-O-DATA था! जो पूरी तरह से फ्लॉप रही! यह उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा फेलियर था! फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी तथा अपना बिजनेस माइक्रोसॉफ्ट प्रारंभ किया! जिस बिजनेस में चलते हुए भी सफलता के नए मुकाम पर पहुंचते गए!


जिन्हें ऑल इंडिया रेडियो से रिजेक्ट कर दिया गया था यह कहकर कि उनकी आवाज बहुत मोटी है! उसके बाद उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपना कदम रखा तथा शुरुआत की उनकी 12 फिल्में फ्लॉप रही! फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी! अपने काम के प्रति जुनून था! अपने अभिनय में दम लाने के लिए वे दिन रात मेहनत करते रहे! और आज वह बॉलीवुड के महानायक के रूप में जाने जाते हैं!


एक समय में उनकी एप्पल कंपनी दिवालिया हो गई थी! तथा उन्हें अपने ही कंपनी से निकाल दिया गया था! यह कहकर कि तुम कंपनी चलाने के लायक नहीं हो! फिर भी वह हार नहीं माने तथा फिर से अपनी कंपनी के साथ जुड़े! और आज एप्पल कंपनी वर्ल्ड टॉप मोस्ट कंपनी में से एक है!


अल्बर्ट आइंस्टीन 4 साल की उम्र तक बोल नहीं पाते थे! तथा 7 साल की उम्र तक कुछ पढ़ नहीं पाते थे! उनके स्कूल टीचर्स तथा पेरेंट्स सोचने लगे थे, कि वह मेडिकली हैंडीकैप्ड है, और उनका मानना सही भी था, बचपन से ही डिस्लेक्सिया नाम की बीमारी थी! पर फिर भी आइंस्टाइन ने बहुत मेहनत की है! और अपनी बीमारी से बाहर निकले! और आप सभी स्टूडेंट के लिए वह इंस्पिरेशन है!

    नवाजुद्दीन सिद्दीकी


जो एक टाइम में दिल्ली में वॉचमैन की जॉब किया करते थे! कुछ समय बाद उन्होंने अपनी जॉब छोड़ दी तथा अपने सपने लेकर सपनों के शहर मायानगरी मुंबई मैं अपनी किस्मत आजमाने आ गए! कोई भी डायरेक्टर तथा प्रोड्यूसर अपनी फिल्म में छोटे तथा सांवले व्यक्ति को अपने फिल्म में नहीं लेना चाहता था! पर नवाजुद्दीन ने हिम्मत नहीं हारी और छोटे छोटे थियेटर में एक्टिंग करने स्टार्ट की, और देखते ही देखते आज वह इंडिया के टॉप मोस्ट एक्टर में से एक हैं!

    थॉमस एडिसन


हजार बार फेल रहे लाइट बल्ब की खोज करने में पर अंत में वह सफलता उन्हें प्राप्त हुई जिसके लिए वह मेहनत कर रहे थे, आखिरकार उन्होंने दुनिया को लाइट बल्ब अविष्कार करके दे दिया!
अगर आपकी लाइफ में फेलियर है, तो मैं आपको बधाई देना चाहता हूं क्योंकि सक्सेस आपका इंतजार कर रही है!

Simple सा फंडा यही है कि आप अपने फेलियर को लेकर बैठ जाओ या यह जानने की कोशिश करो कि मेरे अंदर क्या कमी रह गई थी किसी भी काम को करने के लिए मैं फेल हो गया! उसपर सुधार कार्य करें!
और अपने फेलियर को लेकर बैठने पर आप ना केवल खुद को भी Demotivate करते हैं, बल्कि आपके आसपास का वातावरण भी वैसा ही दिखाई देने लगता है, तथा कोई आपसे बात करना पसंद नहीं करता है, क्योंकि एक Motivating व्यक्ति से सभी बात करना पसंद करते हैं, तथा उसके साथ समय बिताना पसंद करते हैं, वही Demotivating व्यक्ति से कोई बात करना तथा समय बिताना पसंद नहीं करता है,क्योंकि आप ना चाहते हुए भी उन्हें भी Demotivate करते हैं!

इच्छा तथा सपने को पूरा करें! उसी रास्ते पर चलें जिस पर आपका दिल तथा दिमाग चाहता है! ना कि उस रास्ते पर जिस पर लोग चाहते हैं! दुनिया के लिए एक Inspiration बने! अगर आप सोचते हैं कि भगवान आपके लिए कुछ करेगा तो भगवान कुछ नहीं करने वाला जो करना है सो आपको करना है! अगर आप खुद पर 50 परसेंट भरोसा करते हैं! तो बाकी 50 परसेंट भगवान खुद आपके लिए काम करता है!

दोस्तों फेलियर तो आपकी लाइफ में आएंगे! यह जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है! जिसे चाह कर भी हम बदल नहीं सकते! आपने खुद ने देखा होगा कि कभी भी किसी भी व्यक्ति को एक ही बार में सफलता नहीं मिली है! सभी को कभी न कभी किसी न किसी समय फेलियर का सामना करना ही पड़ा है!
दूसरे शब्दों में हम कहें, तो सफलता का रास्ता फेलियर से होकर गुजरता है, जिसे सफलता प्राप्त करनी है उसे फेलियर का सामना करना ही पड़ेगा! जिस से लड़ने के लिए खुद के अंदर दृढ़ विश्वास तथा इच्छा शक्ति का होना बहुत जरूरी है!
देखना यह है, कि किस के अंदर कितना आत्मशक्ति आत्मा बल तथा इच्छाशक्ति है? सफलता की प्राप्ति इन तीनों के माध्यम से बहुत हद तक पूरी की जा सकती है!


    मोटिवेशन बातें जानने तथा पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

http://www.gyansager.com/2017/09/Business-Contract-law.html


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