बिल गेट्स सफलता की कहानी [SUCCESS OF BILL GATES]

    बिल गेट्स सफलता की कहानी



अगर आप गरीब परिवार में जन्मे हैं, तो यह आपकी गलती नहीं है, मगर आप गरीबी में ही मर जाते हैं, तो यह आप ही की गलती है,

यह कथन है, ‘”दुनिया के नंबर वन रिचेस्ट व्यक्ति बिल गेट्स की'”
आज वह अपनी मेहनत तथा लगन से इस मुकाम पर पहुंच गए हैं! कि वह इस दुनिया में अपना एक अलग देश भी बनाए, तो भी वह दुनिया का 37वा सबसे अमीर देश होगा! बिल गेट्स प्रत्येक दिन लगभग 102 करोड रुपए कमाते हैं,
बिल गेट्स का वास्तविक नाम विलियम हेनरी गेट्स है,

    परिचय


एक बार मैथमेटिक्स की क्लास में टीचर ने उन्हें घूर कर देखा तथा गंभीरता के साथ तीखे स्वर में कहा, की बिल तुम मेरी बात ध्यान से सुनो, तुम ज्यादा से ज्यादा अपनी जिंदगी में किसी ट्रक चालक ज्यादा कुछ नहीं बन सकते हो! पूरी क्लास में जोर से ठहाका लगाया, और अपने थके हुए कदमों से वे वापस आ गए! उनका हावर्ड यूनिवर्सिटी में वह अंतिम दिन था, वह ज्यादातर क्लास से दूर ही रहते थे, क्योंकि उन्हें टीचर्स के पढ़ाने का तरीका और यूनिवर्सिटी की नई पुरानी परंपराएं बोर लगती थी, जिससे उनका ज्यादातर समय पॉल एलन के साथ बीतता था, पॉल भी कुछ ऐसे ही विचारों का लड़का था! दोनों लंबी योजना बनाने में माहिर थे, दोनों घंटो ऐसी दुनिया के बारे में सोचते थे, जो उनकी जिंदगी तथा पूरी दुनिया को बदल कर रख दें और आज हुआ फिर वही जो दोनों दोस्तों ने मिलकर सोचा था!

    जन्म तथा शिक्षा


बिल गेट्स का पूरा नाम विलियम हेनरी गेट्स है, बिल गेट्स का जन्म 28 अक्टूबर 1955 में वाशिंगटन के seattle में हुआ था! उनके पिता एक मशहूर वकील थे, और वह बिल गेट्स को भी अपनी तरह एक वकील बनाना चाहते थे, 13 साल की उम्र मैं बिल गेट्स की प्रारंभिक शिक्षा luxard स्कूल से प्रारंभ हुई, बचपन से ही उन्हें कंप्यूटर में बहुत रुचि थी, जिसके लिए भी अपने मैथ की क्लास भी छोड़ दिया करते थे, मात्र 13 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने अपना पहला कंप्यूटर प्रोग्राम लिखा, जिसका नाम Tic-Tec To था! जिसका उपयोग गेम खेलने के लिए किया जाता था! कंप्यूटर में ज्यादातर समय बिताने के कारण एक बार उन पर प्रतिबंध लगा दिया गया, उस समय बच्चों का ज्यादातर कंप्यूटर उपयोग करने पर बैन था!

    बिल गेट्स बिजनेस


महज 17 वर्ष की उम्र में बिल गेट्स तथा उनके मित्र ऐलन TRAF-O-DATA नाम की एक ट्रैफिक काउंटर बनाया, यह उनका बिज़नेस बुरी तरह फ्लॉप साबित हुआ! 1973 में वे अपने स्कूल से पासआउट होने के बाद उन्होंने हावर्ड कॉलेज में एडमिशन ले लिया! 1976 में बिना स्नातक किए उस कॉलेज से विदा ले लिया!
कारण था उस समय उनके जीवन में उचित दिशा निर्देश का अभाव! इसके बाद उन्होंने इंटेल चिप बनाया कंप्यूटर के चल अंदर चलने वाला एक महत्वपूर्ण चिप था, बिल गेट्स को यह एहसास हुआ कि समय द्वारा दिया गया यह सबसे अच्छा अवसर है अपनी खुद की कंपनी शुरू करने का! और फिर बिल गेट्स पाल ऐलन के साथ मिलकर अपनी खुद की कंपनी की स्थापना की! जिसका नाम रखा गया ‘”माइक्रोसॉफ्ट'”
उस समय माइक्रोसॉफ्ट का बेसिक प्रोग्राम डेवलप हो चुका था लेकिन वह चाहते थे कि वह अन्य सॉफ्टवेयर प्रोग्राम पर भी काम करें, माइक्रोसॉफ्ट ने बहुत लगन और मेहनत के साथ अपने प्रारंभिक समय में कार्य किया जिसका नतीजा उनके सामने आया, जुलाई 1980 मैं IBM अपनी PC की ऑपरेटिंग सिस्टम की कमी को पूरा करने के लिए उसने माइक्रोसॉफ्ट से पार्टनरशिप का हाथ बढ़ाया!
20 नवंबर 1985 को माइक्रोसॉफ्ट विंडो का पहला वर्जन आया, जो कंप्यूटर की दुनिया का ऑपरेटिंग किंग बन गया, जो आज तक बरकरार है! 1990 तक माइक्रोसॉफ्ट दुनिया की सबसे प्रसिद्ध कंपनी बन चुकी थी, और उसे दुनिया की एक प्रतिष्ठित व्यक्तियों में गिना जाने लगा, वही तो प्रसिद्ध हुआ कि बिल क्लिंटन ने एक घोषणा की- We Are The Nation of Bill Gates
यह हावर्ड विश्वविद्यालय के नालायक छात्र का पहला सम्मान था, बिल गेट्स मानव इतिहास का सबसे पहला आदमी है जिसको तुम्हें सबसे अमीर होने का पहला खिताब मिला!

    माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारियों की संख्या


माइक्रोसॉफ्ट में आज के समय में 65000 कर्मचारी कार्य करते हैं इसका कारोबार 102 देशों में फैला हुआ है! और यह कंपनी अब तक दुनिया के 128000 लोगों को अरबपति बना चुकी है!
1994 बिल गेट्स का विवाह फ्रांस में रहनेवाली मेलिंडा से हुआ! जिन्होंने 3 बच्चों को जन्म दिया, सन 2000 में बिल गेट्स अपनी पत्नी के साथ मिलकर bill and Melinda Gates Foundation की स्थापना की! जो की ट्रांसपैरेंसी से संचालित होने वाला विश्व का सबसे बड़ा चैरिटेबल फाउंडेशन है, उनके फाउंडेशन से ऐसे लोगों को मदद की जाती थी जिन्हें सरकार द्वारा नजर अंदाज कर दिया जाता है, या उस पर कोई कार्यवाही नहीं की जाती है ऐसे सुरक्षा मुहैया करवाई जाती है!

    परिणाम


बिल गेट्स अपने तीनों बच्चों के लिए अपनी पूरी जायदाद छोड़कर नहीं जाना चाहते हैं, उनका मानना है कि अगर मैं अपनी संपत्ति का एक परसेंट उनके लिए छोड़ दो तो यही उनके लिए काफी होगा!
इनकी कहानी से यह शिक्षा मिलती है के अपनी लगन मेहनत तथा कार्यक्षमता की दम पर बड़ी ऊंचाइयों को प्राप्त किया जा सकता है, जरूरी है तो लगन मेहनत परिश्रम तथा आत्मविश्वास का होना!
जिस बच्चे को उसके टीचर ने कहा- तुम एक ट्रक ड्राइवर से ज्यादा कुछ भी नहीं बन सकते! अपनी लगन मेहनत तथा परिश्रम से एक ऐसी कंपनी का निर्माण किया, जिसे देश क्या दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में गिना जाता है!

यह एक बेहतरीन कहानी है उन लोगों के लिए जो अपने फेलियर को दिल में दबाकर रहते हैं तथा कुछ कर नहीं पाते हैं!


    मोटिवेशन बातें जानने तथा पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें

http://www.gyansager.com/2017/09/Nokia-power-story.html

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